प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया यात्रा

पाठ्यक्रम: जीएस-2/ अंतर्राष्ट्रीय संबंध

सन्दर्भ

  • प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया की आधिकारिक यात्रा की।

यात्रा के प्रमुख परिणाम

  • प्रधानमंत्री मोदी को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति द्वारा इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया” से सम्मानित किया गया।
  • भारत और इंडोनेशिया ने कई महत्त्वपूर्ण रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें ब्रह्मोस अतिध्वनि क्रूज़ प्रक्षेपास्त्र प्रणाली तथा ASTRA दृश्य-सीमा से परे हवा से हवा में मार करने वाली प्रक्षेपास्त्र प्रणाली (Beyond Visual Range Air-to-Air Missile) में सहयोग शामिल है।
  • दोनों देशों ने रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, जहाज निर्माण में सहयोग, रखरखाव, मरम्मत एवं ओवरहॉल (MRO) सुविधाओं की स्थापना, रक्षा अनुसंधान एवं विकास साझेदारी की संभावनाओं की खोज तथा रक्षा आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की।
  • भारत और इंडोनेशिया ने खनिज एवं इस्पात आपूर्ति श्रृंखला प्रौद्योगिकी पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
  • दोनों देशों ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) तथा पीटी क्राकाताउ स्टील (PT Krakatau Steel) के बीच एक रणनीतिक संयुक्त उपक्रम पर भी सहमति व्यक्त की, जिसके अंतर्गत इंडोनेशिया में स्टेनलेस स्टील स्लैब निर्माण संयंत्र की स्थापना की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा।
  • दोनों पक्षों ने भारतीय रिज़र्व बैंक और बैंक इंडोनेशिया के बीच स्थानीय मुद्रा लेन-देन (Local Currency Transactions-LCT) संबंधी दिशा-निर्देशों को क्रियान्वित करने की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत किया। उनका मानना है कि यह पहल द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ वित्तीय एकीकरण को भी सुदृढ़ करेगी।

भारत–इंडोनेशिया संबंध: एक संक्षिप्त परिचय

  • संबंधों की आधारशिला: औपनिवेशिक शासन का साझा अनुभव तथा स्वतंत्रता के बाद के समान राष्ट्रीय उद्देश्य, 1940 और 1950 के दशक में भारत और इंडोनेशिया के बीच मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों का आधार बने।
  • वर्ष 1951 में भारत और इंडोनेशिया ने मैत्री संधि (Treaty of Friendship) पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य स्थायी शांति और अटूट मित्रता स्थापित करना था।
  • गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) की स्थापना: भारत और इंडोनेशिया संयुक्त राष्ट्र में एशियाई एवं अफ्रीकी देशों की स्वतंत्रता की आवाज़ बने, जिसके परिणामस्वरूप 1955 का बांडुंग सम्मेलन आयोजित हुआ और बाद में 1961 में गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) की स्थापना हुई।
  • भारत और इंडोनेशिया, यूगोस्लाविया, मिस्र तथा घाना के साथ गुटनिरपेक्ष आंदोलन के पाँच संस्थापक देशों में शामिल थे।
  • लुक ईस्ट से एक्ट ईस्ट तक: वर्ष 1991 में भारत की ‘लुक ईस्ट नीति’ अपनाए जाने तथा 2014 में इसे ‘एक्ट ईस्ट नीति’ में परिवर्तित किए जाने के बाद दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में तेज़ी से विकास हुआ।
  • व्यापारिक संबंध: इंडोनेशिया, आसियान (ASEAN) क्षेत्र में सिंगापुर के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
  • द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2005-06 के 4.3 अरब डॉलर से बढ़कर 2022-23 में 38.84 अरब डॉलर तथा 2023-24 में 29.40 अरब डॉलर रहा।
  • वर्ष 2018 में भारत–इंडोनेशिया संबंधों को व्यापक सामरिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर तक उन्नत किया गया। साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत–इंडोनेशिया समुद्री सहयोग की साझा दृष्टि (Shared Vision of India-Indonesia Maritime Cooperation in the Indo-Pacific) को भी अपनाया गया।
  • साझा मंच: दोनों देश ब्रिक्स (BRICS), जी-20 (G20), हिंद महासागर तटीय क्षेत्रीय संगठन (IORA) तथा पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (East Asia Summit) जैसे प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय मंचों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को बढ़ावा देते हैं।

भारत के लिए इंडोनेशिया का महत्त्व

  • नीतिगत सामंजस्य: भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ तथा ‘हिंद-प्रशांत महासागर पहल (Indo-Pacific Oceans Initiative)’, इंडोनेशिया की ‘वैश्विक समुद्री धुरी (Global Maritime Fulcrum)’ की परिकल्पना के साथ अच्छी तरह मेल खाती हैं। इससे समुद्री सुरक्षा, संपर्क, आर्थिक विकास तथा क्षेत्रीय सहयोग के क्षेत्रों में समन्वय को बढ़ावा मिलता है।
  • संतुलनकारी भूमिका: इंडोनेशिया की सामरिक भौगोलिक स्थिति और बढ़ता क्षेत्रीय प्रभाव, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभुत्व का संतुलन स्थापित करने में सहायक हो सकता है, जो भारत के सामरिक हितों के अनुरूप है।
  • समुद्री सुरक्षा: हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के बीच इंडोनेशिया की सामरिक स्थिति उसे क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत का एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण साझेदार बनाती है।
  • आतंकवाद-रोधी सहयोग: उग्रवाद और अंतर्राष्ट्रीय संगठित अपराध से उत्पन्न साझा चुनौतियों को देखते हुए आतंकवाद-रोधी प्रयासों में दोनों देशों के बीच सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
  • गहरे सांस्कृतिक संबंध: विशेष रूप से हिंदू परंपराओं तथा रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्यों का प्रभाव, दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करता है तथा जन-से-जन संपर्क को मजबूत बनाता है।
  • पर्यटन की संभावनाएँ: इन साझा सांस्कृतिक विरासतों का उपयोग दोनों देशों के बीच पर्यटन तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है।

संबंधों में चुनौतियाँ

  • व्यापार असंतुलन: द्विपक्षीय व्यापार संतुलन प्रायः इंडोनेशिया के पक्ष में रहता है, जिसका प्रमुख कारण भारत द्वारा पाम तेल और कोयले का अधिक आयात है। इस असंतुलन को कम करने के लिए दोनों देश व्यापार में विविधीकरण के उपाय तलाश रहे हैं।
  • क्षेत्रीय तनाव: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियाँ तथा विशेष रूप से चीन के बढ़ते प्रभाव से उत्पन्न क्षेत्रीय तनाव दोनों देशों के लिए चुनौती बने हुए हैं। दोनों देश अपनी व्यापक सामरिक साझेदारी को बनाए रखते हुए इन दबावों का संतुलित ढंग से सामना कर रहे हैं।

निष्कर्ष

  • भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों, आर्थिक सहयोग तथा साझा सुरक्षा हितों पर आधारित एक बहुआयामी और निरंतर विकसित होती साझेदारी है।
  • क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर विशेष बल देते हुए, आने वाले वर्षों में दोनों देशों के पास अपनी साझेदारी को और अधिक गहरा एवं व्यापक बनाने की अपार संभावनाएँ हैं।

स्रोत: DD News

 

Other News of the Day

पाठ्यक्रम: GS2/ शासन व्यवस्था एवं राजव्यवस्था सन्दर्भ इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया है कि कोई भी पर्सनल लॉ (Personal Law), बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 (PCMA) तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO) के अंतर्गत बाल विवाह पर लगाए गए प्रतिबंध का उल्लंघन नहीं कर सकती। न्यायालय की प्रमुख टिप्पणियाँ PCMA...
Read More

पाठ्यक्रम: GS2/ शासन | GS3/ ऊर्जा सन्दर्भ सरकार ने मार्च में पश्चिम एशिया संकट के दौरान प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पर लगाए गए आपातकालीन प्रतिबंधों को हटा लिया है। पृष्ठभूमि 12 मार्च को केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने संसद में “तात्कालिक प्राथमिकता क्रम (Immediate Priority Sequence)” की जानकारी दी। घरों में पाइप द्वारा...
Read More

प्रम्बानन मंदिर परिसर पाठ्यक्रम: जीएस-1/ इतिहास एवं संस्कृति सन्दर्भ प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के योग्याकार्ता में स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रम्बानन मंदिर परिसर का भ्रमण किया। प्रम्बानन मंदिर परिसर का परिचय प्रम्बानन, इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है, जो मुख्य रूप से भगवान शिव को समर्पित है। इसका निर्माण 10वीं शताब्दी ईस्वी...
Read More
scroll to top